Saturday, 14 February 2026

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस की शुरुआत

 आज दिनाँक 12.02.2026 को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांधला शामली में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस की शुरुआत स्वयं सेविकाओं द्वारा शिविर स्थल की सफाई, प्रार्थना एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत "उठे समाज के लिए उठें उठें" के सामूहिक गान से हुई। शिविर के प्रथम सत्र में मतदाता जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत  स्वयं सेविकाओं द्वारा एक रैली निकाली गई। रैली शिविर स्थल से निकल कर राय जाद गान मोहल्ला होते हुए गुजरान मोहल्ले तक गयी फिर वहाँ से शिविर स्थल पर आकर समाप्त हुई। रैली का नेतृत्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्याम बाबू ने किया । इसके उपरांत मतदाता जन जागरूकता से संबंधित एक पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक मंडल के अनुसार प्रथम स्थान  अरशी पुत्री मो.फारुख, द्वितीय स्थान महक पुत्री शाहिद फातिमा एव तृतीय स्थान अंजुम पुत्री आकिल ने प्राप्त किया। शिविर के द्वितीय सत्र में " लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी" एक व्याख्यान का आयोजन हुआ। वनस्पति विज्ञान के प्रभारी डॉ ब्रिजेश कुमार राठी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती क्योंकि युवाओं में ऊर्जा और क्षमता असीमित होती है। यदि युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाये तो देश को तरक्की की राह में आगे ले जा सकता है। लोकतंत्र आप सबका सबसे पहला दायित्व है कि वे छात्राएं जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण कर लिया है वह अपना मतदाता पहचान पत्र जरूर बनवाएं उसके बाद अपने परिवार के लोगों का फिर आसपास के लोगों का वोटर कार्ड बनवाएं। इसके लिए आप फॉर्म 6 भरकर अपने बी एल ओ के पास जमा कर सकते हैं या आप भारत निर्वाचन आयोग की साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दूसरा मुख्य कार्य है जागरूक वोटर बनना क्योंकि यदि आप जागरूक वोटर नहीं हैं तो चुनी हुई सरकार की आलोचना करने का दायित्व खो देते हैं इसके लिए  प्रत्येक स्तर पर होने वाले चुनावों में भागीदारी सुनिश्चित करें। मतदान प्रक्रिया में एन एस एस वालिंटियर की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा होती है। वे सभी लोगों को वोट देने के लिए जागरूक करें और मताधिकारों के बारे में बताएं। मताधिकार को न प्रयोग करने पर उसके परिणाम के बारे में उन्हें सचेत करें। इसलिए एन एस एस को कम्युनिटी सर्विस कहा जाता है। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मताधिकार जागरूकता बढ़ाना मुख्य दायित्व बन जाता है। सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।